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महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों सहित 45,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया

महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों सहित 45,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया

चक्रवाती तूफान निसर्ग (Cyclone Nisarga) बुधवार दोपहर तक मुंबई और उसके आसपास के तटीय इलाकों से टकराने वाला है. ऐसे में NDRF की टीमें यहां से तेजी से इलाके खाली करवाने में लगी हैं. बुधवार की सुबह तक महाराष्ट्र में कम से कम 45,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है. अनुमान है कि अगले कुछ घंटों में मुंबई से 100 किलोमीटर दूर अलीबाग में साइक्लोन निसर्ग का लैंडफॉल होगा. चूंकि लैंडफॉल अलीबाग में है तो मुंबई में इसका बहुत ज्यादा असर नहीं है. बता दें कि मुंबई में लगभग 100 साल बाद कोई चक्रवाती तूफान आया है. वहीं पिछले दो हफ्तों में भारत में आने वाला यह दूसरा चक्रवाती तूफान है. पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ इलाके अभी भी चक्रवात अम्फन की तबाही से उबरने की कोशिश कर रहे हैं.

NDRF के महाराष्ट्र कमांडेंट अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक पूरे महाराष्ट्र के समुद्र किनारों से 45 हजार के करीब लोगों को सुरक्षित जगहं ले जाया गया है. उन्होंने बताया कि लैंडफाल के बाद हवा की रफ्तार कम होकर 60 से 70 किमी प्रति घंटे हो जाएगी. इतनी रफ्तार से ऊंची इमारतों को कोई नुकसान नहीं होगा.पेड़ गिर सकते हैं. समुद्र किनारे कमजोर मकानों को नुकसान हो सकता है इसलिए उन्हें खाली करवा दिया गया है.

उन्होंने कहा कि पूरी तैयारी रखी गई है. जहां लैंडफाल होना है वहाँ ग्रामीण इलाका है मकान कम हैं इसलिए नुकसान का आशंका कम है.

अगर मुंबई की बात करें तो देश में सबसे ज्यादा कोरोनावायरस मरीज यहीं हैं. यहां फिलहाला कोरोना के 41,000 मरीज हैं. ऐसे में चक्रवात निसर्ग से हालात बहुत मुश्किल हो गए हैं. पुलिस ने यहां लोगों को गुरुवार की दोपहर तक समुद्र के किनारे जाने से मना किया है. मुंबई और उपनगरीय इलाके हाई अलर्ट पर रखे गए हैं, वहीं शहर में हाई-टाइड की चेतावनी भी जारी की गई है.

निसर्ग के लैंडफॉल के दौरान 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में हवा चलने की आशंका है. मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के निचले इलाकों में 6.5 फीट ऊंची लहरें भी उठने की आशंका जताई है. रेस्क्यू टीमों को स्टैंडबाई पर रखा गया है.

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